अब कलयुग वैंटीलेटर पर है तथा कभी भी अंतिम सांस ले सकता है। क्या सतयुग की शुरुआत होने वाली है !
प्रकृति तो यही संकेत दे रही है…
वर्तमान में कोरोना वायरस के प्रकोप ने इंसान को प्रकृति की और वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है |
इंसान घरो में कैद है और पशु-पक्षी आजाद है, जीव हत्या बंद हो गयी है , सब शाकाहार की और लोट रहे है , प्रदुषण नहीं के बराबर हो रहा है, हवा पानी शुद्ध हो रहा है |
अगर इंसान की यही आदत लम्बे समय तक रहेगी तो मानसिक तनाव , चिंता, अवसाद अदि से मुक्ति मिलेगी, बीमारिया कम हो जाएगी, खान-पान शुद्ध रहेगा
और इंसान की आयु बढ़ेगी क्या ये सतयुग में नहीं था |
इंसान अभी घर पर ही है ,उसे फुरसत मिली है जिससे वो अपने घर परिवार को समय दे पा रहा है |
नाना नानी , दादा दादी , रिश्ते नाते सब वापस पाए है जो भागदौड़ की जिंदगी में कही पीछे छूट गए थे
अगर इंसान की यही आदत लम्बे समय तक रहेगी तो मानसिक तनाव , चिंता, अवसाद अदि से मुक्ति मिलेगी, बीमारिया कम हो जाएगी, खान-पान शुद्ध रहेगा
और इंसान की आयु बढ़ेगी क्या ये सतयुग में नहीं था |
इंसान अभी घर पर ही है ,उसे फुरसत मिली है जिससे वो अपने घर परिवार को समय दे पा रहा है |
नाना नानी , दादा दादी , रिश्ते नाते सब वापस पाए है जो भागदौड़ की जिंदगी में कही पीछे छूट गए थे
अगर इंसान की यही आदत लम्बे समय तक रहेगी तो मानसिक तनाव , चिंता, अवसाद अदि से मुक्ति मिलेगी, बीमारिया कम हो जाएगी, खान-पान शुद्ध रहेगा
और इंसान की आयु बढ़ेगी क्या ये सतयुग में नहीं था |
अपराध कम होने लग गए है जिससे आमजन को सुकून मिला है
लोगो को फिजूल के हज़ारो कामो से मुक्ति मिली है , लोगो को जिंदगी अब दौलत से महँगी लगने लगी है, क्या यही सतयुग में नहीं था
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